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तीन सीटों पर त�रिकोणीय संघर�ष, कहीं परिवार तो कहीं मोदी फैक�टर सहारा
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

अर�द�ध क�ंभ की वजह से प�रयागराज में पहली बार लोगों को चौड़ी-चौड़ी सड़कें दिख रही हैं। नौ फ�लाई ओवर बने हैं। कांग�रेस नेता अभय अवस�थी कटाक�ष करते ह�� कहते हैं कि विकास चौड़ा हो गया और रोजगार पकौड़ा हो गया है। प�रयागराज में सीधा म�काबला दिग�गज नेता हेमवती नंदन बह�ग�णा की बेटी और योगी सरकार की मंत�री रीता बह�ग�णा जोशी और गठबंधन उम�मीदवार राजेंद�र सिंह पटेल के बीच है। तीन लाख से अधिक ब�राह�मण, दो लाख वैश�य, 2.75 लाख पटेल और �क लाख से अधिक कायस�थ वोट के सहारे रीता बह�ग�णा ने अपनी स�थिति मजबूत बना रखी है।

ब�राह�मण वोट में सेंध के लि� कांग�रेस ने भाजपाई रहे योगेश श�क�ला को टिकट दिया है। रीता बह�ग�णा के पक�ष में �क बात जाती है कि वे भले ही कहीं से भी च�नाव लड़ती हों और जीतती हों लेकिन इलाहाबाद से उनका ज�ड़ाव हमेशा रहा है। पूर�व में कांग�रेस की प�रदेश अध�यक�ष रहीं रीता को अंदरूनी रूप से कांग�रेस के लोगों का भी समर�थन मिल रहा है। प�रयागराज देश का संभवत: �कमात�र �सा क�षेत�र है जहां च�नाव से पूर�व साहित�यिक फतवा भी जारी होता है। पिछली बार डॉ. म�रली मनोहर जोशी के खिलाफ वोट न देने के लि� यह जारी किया गया था।


2014 में पहली बार भाजपा को फूलप�र में कामयाबी मिली थी। केशव मौर�य ने उपम�ख�यमंत�री बनने के बाद सीट छोड़ दी। उपच�नाव में यह सीट सपा छीन ली। इसी कामयाबी ने सपा-बसपा गठबंधन की नींव डाली। यहां भाजपा ने चार बार जिला पंचायत सदस�य और अध�यक�ष रहीं क�र�मी नेता केशरी देवी पटेल को उम�मीदवार बनाया है। जबकि क�र�मी बह�ल सीट पर सपा ने मौजूदा सांसद नागेंद�र सिंह का टिकट काटकर पंधारी यादव को उतारकर स�थिति कमजोर कर ली। यहां 3.5 लाख क�र�मी वोट हैं तो यादवों की संख�या 1.5 लाख है।

कांग�रेस ने यहां पंकज सिंह चंदेल को उम�मीदवार बनाया है। कांग�रेस उम�मीदवार को अपना दल कृष�णा ग�ट और बाबूलाल क�शवाहा की जन अधिकार पार�टी के सम�ौते के तहत पटेल और क�शवाहा वोट मिलने की उम�मीद है। यहां शिवपाल यादव की प�रसपा ने प�रिया पॉल को उम�मीदवार बनाया है। प�रिया...वही हैं, जो संजय गांधी की प�त�री होने का दावा कर चर�चा में आई थीं। कांग�रेस और सपा के बीच म�स�लिम वोट बंटने के अंदेशे से पंधारी यादव लगातार म�स�लिम बह�ल क�षेत�रों पर ध�यान दे रहे हैं।


प�रतापग� में राजा भैया की जनसत�ता दल पार�टी की उपस�थिति से च�नाव चत�ष�कोणीय हो गया है। राजा भैया की पार�टी से उनके चचेरे भाई और सपा से सांसद रहे अक�षय प�रताप सिंह लड़ रहे हैं। अक�षय को पंचायत स�तर की मजबूत पकड़ और राजा भैया के नेटवर�क का फायदा मिल रहा है। यहां राजा भैया समर�थक नारा लगाते हैं- जन जन की है ये आवाज, जय रघ�राज जय रघ�राज। राजा भैया दावे से कहते हैं- हम दो सीटों कौशाम�बी और प�रतापग� से लड़ रहे हैं, दोनों जीतेंगे।

भाजपा ने संगमलाल ग�प�ता को उम�मीदवार बनाया है। यहां आंतरिक ग�टबाजी भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी है। गठबंधन ने बसपा के अशोक त�रिपाठी को उम�मीदवार बनाया है। यहां कांग�रेस ने मजबूत उम�मीदवार और कालाकांकर राजघराने की राजक�मारी रत�ना सिंह को टिकट दिया है। यहां कड़ा म�काबला रहेगा।


स�ल�तानप�र में बेटे वर�ण गांधी की जगह इस बार मां मेनका गांधी त�रिकोणीय संघर�ष में फंसी दिख रही हैं। मेनका गांधी को अमेठी राजघराने के डॉ. संजय सिंह कांग�रेस उम�मीदवार के रूप में च�नौती दे रहे हैं। म�काबले को त�रिकोणीय बना रहे हैं बसपा के बाह�बली चंद�रभद�र सिंह उर�फ सोनू सिंह। सोनू को 1.94 लाख यादव, 2.03 लाख म�स�लिम के ठोस आधार के अतिरिक�त तीन लाख से अधिक ठाक�र वोटर�स का सहारा है। संजय सिंह म�स�लिम, ठाक�र और सवर�ण वोट में सेंधमारी करते दिख रहे हैं।

क�छ �सी ही त�रिकोणीय स�थिति भदोही में है। भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद वीरेंद�र सिंह का टिकट काटकर तीन बार बसपा से विधायक रहे रमेशचंद बिंद को उम�मीदवार बनाया है। रमेश की ब�राह�मण विरोधी छवि आड़े आ रही है। रमेश यहां मोदी फैक�टर के ही भरोसे हैं। उन�हें बाहरी प�रत�याशी होने और कार�यकर�ताओं पर सीधी पकड़ न होने से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गठबंधन की ओर से बसपा प�रत�याशी रंगनाथ मिश�रा हैं। ओबीसी वोटों के सहारे मिश�रा जातीय आंकड़ों में मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि, कांग�रेस के बाह�बली प�रत�याशी रमाकांत यादव यहां आंकड़ों का गणित िबगाड़ सकते हैं।


नेपाल से लगे श�रावस�ती में भी त�रिकोणीय संघर�ष है। यहां भाजपा ने मौजूदा सांसद दद�दन मिश�रा को फिर आजमाया है। दद�दन लगातार क�षेत�र के लोगों के संपर�क में हैं। मिश�रा का म�काबला बसपा के राम शिरोमणि वर�मा से है। वहीं दूसरी ओर कांग�रेस ने विधायक धीरेंद�र सिंह को टिकट दिया है। धीरेंद�र सिंह की पत�नी विधान परिषद सदस�य भी हैं। कांग�रेस और बसपा उम�मीदवारों के वोट बंटवारे में भाजपा को फायदा होता दिख रहा है।


अंबेडकरनगर में कांग�रेस प�रत�याशी पूर�व दस�य� स�ंदरी फूलनदेवी के पति उम�मेद सिंह का पर�चा खारिज हो गया है। �से में सीधी लड़ाई भाजपा और बसपा में है। 2.8 लाख म�स�लिम और करीब दो लाख से अधिक क�र�मी वोट सीट पर हैं। मौजूदा सांसद डॉ. हरिओम पांडेय का भाजपा ने टिकट काटा और योगी सरकार के मंत�री म�क�ट बिहारी वर�मा को उम�मीदवार बनाया है। भाजपा को बाहरी प�रत�याशी देने का न�कसान हो सकता है। उनका म�काबला पूर�व सांसद राकेश पांडेय के प�त�र और बसपा प�रत�याशी रीतेश पांडेय से है। परंपरागत रूप से पहले कांग�रेस और फिर बसपा के कब�जे में रही इस सीट पर 2014 में पहली बार भाजपा जीती थी।


ओवरऑल देखें तो प�रयागराज, फूलप�र और श�रावस�ती में भाजपा तो अंबेडकर नगर में बसपा आगे दिखती है। स�ल�तानप�र, प�रतापग� और भदोही में कड़ा संघर�ष है।

च�नाव किस ओर?: जातीय गणित और ध�र�वीकरण

म�द�दों की स�थिति : विकास अहम म�द�दा है, लेकिन च�नाव जातियों की जमावट, हिन�दू-म�स�लिम ध�र�वीकरण और मोदी फैक�टर के ही आसपास घूम रहा है। स�ल�तानप�र में बा� की समस�या और पलायन बड़ा म�द�दा है। प�रतापग� में किसान तो भदोही में ब�नकरों की बदहाल स�थिति बड़ी समस�या है।

गठबंधन की स�थिति :सपा-बसपा गठबंधन मैदान में है। सपा प�रयागराज, फूलप�र तो बसपा प�रतापग�, स�ल�तानप�र, अंबेडकर नगर, श�रावस�ती और भदोही सीट पर लड़ रही है। कांग�रेस ने अपना दल कृष�णा पटेल ग�ट से गठबंधन किया है। भाजपा अकेले मैदान में है।

जातिगत समीकरण :पटेल (क�र�मी), सोनकर, दलित और म�स�लिम वोटों की बह�लता। निषाद, पासी, राजभर ठाक�र, ब�राहम�ण, वैश�य जाति के वोटों की संख�या भी अहम। श�रावस�ती में 36 फीसदी से अधिक म�सलमान हैं।



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Tri-conflict on three seats, somewhere family and somewhere Modi Factor

स�रक�षाबलों ने �क आतंकी को मार गिराया, हथियार और गोला-बारूद बरामद
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

श�रीनगर. जम�मू-कश�मीर के शोपियां जिले में श�क�रवार को स�रक�षाबलों ने म�ठभेड़ में �क आतंकी को मार गिराया। प�लिस के म�ताबिक, "आतंकी की पहचान सोपोर में रहने वाले इश�फाक सोफी उर�फ अब�द�ल�ला भाई के रूप में ह�ई है। वो किस संगठन से ज�ड़ा था, इसका पता लगाया जा रहा है।म�ठभेड़ वाली जगह से हथियार और गोला-बारूद बरामद कि� ग� हैं।"

प�लिस के म�ताबिक, "स�रक�षाबलों ने शोपियां जिले के अम�सिपोरा गांव में तलाशी अभियान श�रू किया। इसी दौरान आतंकी के छिपे होने की खबर मिली। इसके बाद स�रक�षाबलों ने कार�रवाई श�रू कर दी।"



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सांकेतिक तस�वीर

भारतीय विमानों के अपने हवाई क�षेत�र में प�रवेश पर 15 मई को फैसला लेगी पाक सरकार
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

लाहौर. पाकिस�तान 15 मई को भारतीय विमानों के अपने हवाई क�षेत�र में प�रवेश करने को लेकर समीक�षा करेगा। सिविल �विशन केअधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि, प�रधानमंत�री इमरान खान के करीबी और मंत�री फवाद चौधरी ने कहा कि भारत में चल रहे लोकसभा च�नाव तक इस फैसले में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहि�। दोनों देशों के संबंधों में हमले के बाद से कोई प�रगति नहीं देखी गई है।



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पाकिस�तान के प�रधानमंत�री इमरान खान।

टाइम के कवर पेज पर फिर मोदी, सवाल- क�या द�निया का सबसे बड़ा लोकतंत�र दोबारा उन�हें च�नेगा
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

वॉशिंगटन. अमेरिका की प�रतिष�ठित टाइम मैगजीन ने प�रधानमंत�री नरेंद�र मोदी को फिर �कबार अपने कवर पेज पर जगह दी है। लेकिन इस बार विवादास�पद सवाल किया है। पूछा है-क�या विश�व का सबसे बड़ा लोकतंत�र फिर से मोदी को पांच साल का मौका देने को तैयार है?मैगजीन ने अपनेकवर पेज पर 'इंडियाज डिवाइडर इन चीफ' शीर�षक से मोदी का फोटो लगाया है। मोदी पर आधारित यह लेख आतिश तासीर ने लिखा है।

इससे पहले टाइम ने2014, 2015 और 2017 में प�रधानमंत�री नरेंद�र मोदी को विश�व के 100 सर�वाधिक प�रभावशाली लोगों की लिस�ट में शामिल किया था। 2012 फिर 2015 में अपने कवर पेज पर जगह दी थी।

मैगजीन ने लिखा-नाकाम हैं, तभी ले रहे राष�ट�रवाद का सहारा

मैगजीन का मानना है कि 2014 में लोगों को आर�थिक स�धार के बड़े-बड़े सपने दिखाने वाले मोदी अब इस बारे में बात भी नहीं करना चाहते। अब उनका सारा जोर हर नाकामी के लि� कांग�रेस को जिम�मेदार ठहराकर लोगों के बीच राष�ट�रवाद की भावना का संचार करना है। भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का फायदा उठाने से भी वह नहीं चूक रहे हैं।

मैगजीन का दावा- 2014 में थे मसीहा, अब सिर�फराजनेता
मैगजीन का कहना है कि बेशक मोदी फिर से च�नाव जीतकर सरकार बना सकते हैं, लेकिन अब उनमें 2014 वाला करिश�मा नहीं है। तब वे मसीहा थे। लोगों की उम�मीदों के केंद�र में थे। �क तरफ उन�हें हिंद�ओं का सबसे बड़ा प�रतिनिधि माना जाता था तो दूसरी तरफ लोग उनसे साउथ कोरिया जैसे विकास की उम�मीद कर रहे थे। इससे उलट अब वे सिर�फ�क राजनीतिज�ञ हैं, जो अपने तमाम वायदों को पूरा करने में नाकाम रहा है।

1947 के जिक�र के साथ श�रू की स�टोरी
स�टोरी की श�र�आत 1947 से की गई है। बताया गया है किविभाजन के बाद तीन करोड़ से ज�यादा म�स�लिम भारत में रह ग� थे। हालांकि, तत�कालीन प�रधानमंत�री जवाहर लाल नेहरू ने सेक�लरिज�म का रास�ता अपनाया। हिंद�ओं के लि� कानून की पालना जहां अनिवार�य की गई, वहीं म�स�लिमों के मामले में शरियत को सर�वोपरि माना गया। मोदी के कार�यकाल से पहले तक यह व�यवस�था कायम रही, लेकिन 2014 में ग�जरात जैसे सूबे के म�ख�यमंत�री नरेंद�र मोदी ने लोगों के ग�स�से को पहचाना और 282 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। देश पर लंबे समय तक शासन करने वाली कांग�रेस केवल 44 सीटों तक सिमट गई। यहां तक कि उसे विपक�ष का नेता बनने लायक सीटें भी नहीं मिल सकीं।

मोदी के कार�यकाल में अविश�वास का दौर श�रू ह�आ
मैगजीन का कहना है कि यह जरूर है किलोगों को �क बेहतर भारत की उम�मीद थी, लेकिन मोदी के कार�यकाल में अविश�वास का दौर श�रू ह�आ। हिंद�-म�स�लिम के बीच तेजी से सौहार�द कम ह�आ। गाय के नाम पर �क वर�ग विशेष को निशाना बनाया गया। सबसे अहम यह कि सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम उठाने की बजा� च�प रहना ही बेहतर सम�ा। मैगजीन का कहना है कि अपनी नाकामियों के लि� अक�सर कांग�रेस के प�रोधाओं को निशाना बनाने वाले मोदी जनता की नब�ज को बेहतर सम�ते हैं। यही वजह है कि जब भी फंसा महसूस करते हैं तो ख�द को गरीब का बेटा बताने से नहीं चूकते।

मोदी ने राजनीति को अपने इर�द-गिर�द घ�माने की कोशिश की
उन�होंने राजनीति को अपने इर�द-गिर�द घ�माने की कोशिश की है। तभी उनके �क य�वा नेता तेजस�वी सूर�या कहते हैं कि अगर आप मोदी के साथ नहीं हैं तो आप देश के साथ भी नहीं हैं। तीन तलाक को खत�म करके उन�होंने म�स�लिम महिलाओं का मसीहा बनने की कोशिश भी की, लेकिन तस�वीर का दूसरा पहलू यह भी है कि महिलाओं की स�रक�षा के मामले में भारत को सबसे निचले पायदानों में से �क पर रखा जा रहा है। सांप�रदायिक खाई के साथ जातिवादी खाई तेजी से बढ़ती जा रही है।

नोटबंदी की मार नहीं �ेल पाया है देश
टाइमने लिखा है कि मोदी ने लगभग हर क�षेत�र में अपने मन म�ताबिक फैसले लि�। हिंद�त�व के प�रबल समर�थक स�वामीनाथन ग�र�मूर�ति को रिजर�व बैंक ऑफ इंडिया के बोर�ड में शामिल किया। उनके बारे में कोलंबिया के अर�थशास�त�री ने कहा था- अगर वह अर�थशास�त�री हैं तो मैं भरतनाट�यम डांसर। मैगजीन का कहना है कि ग�र�मूर�ति ने ही कालेधन से लड़ने के लि� नोटबंदी का स��ाव दिया था। इसकी मार से भारत आज भी नहीं उबर सका है। मोदी को लगता है कि सत�ता में बने रहने के लि� राष�ट�रवाद ही बेहतर विकल�प है। वह भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का फायदा लेने से नहीं चूक रहे। इसीलि� आर�थिक विकास पर वह राष�ट�रवाद को तरजीह दे रहे हैं।

विपक�ष का केवल �क �जेंडा है कि कैसे भी मोदी को रोको

2017 में उत�तरप�रदेश में च�नाव जीतने के बाद उन�होंने उन योगी आदित�यनाथ को सूबे की कमान सौंपी, जो सीधे तौर पर हिंद�-म�स�लिम के बीच विभाजन की बात करते हैं। हालांकि, मोदी को विपक�ष के कमजोर होने का फायदा मिल रहा है। विपक�ष का केवल �क �जेंडा है कि कैसे भी मोदी को रोको।

दूसरा कार�यकाल मिलने में ज�यादा अड़चनें नहीं

मोदी को पता है कि उन�होंने 2014 में कि� वायदे पूरे नहीं कि�, लेकिन उसके बाद भी वह अपने व�हाइट हाउस में बैठकर तमाम नाकामियों के लि� सल�तनत (कांग�रेस) को जिम�मेदार ठहराने में ग�रेज नहीं करते। मैगजीन का मानना है कि मोदी को दूसरा कार�यकाल मिलने में ज�यादा अड़चनें नहीं हैं, लेकिन लोगों को उस स�थिति के लि� ख�द को तैयार रखना होगा, जहां मोदी अपनी तमाम नाकामियों के लि� सारी द�निया को सजा देने से पीछे नहीं हटेंगे।



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मई 2019 में टाइम के कवर पेज पर मोदी।
मई 2015 में टाइम के कवर पेज पर मोदी।
मार�च 2012 में टाइम के कवर पेज पर मोदी।

अपने सांसदों से नाराज हिमाचल, �यर स�ट�राइक और मोदी से ख�श
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

अनिर�द�ध शर�मा, धर�मशाला/शिमला (हिमाचल). �यर स�ट�राइक के बाद से कांगड़ा और हमीरप�र में प�रधानमंत�री मोदी का नाम फिर ज�बान पर है। यहां मतदाताओं में फौजियों की तादाद अच�छी खासी है। कारगिल य�द�ध में हिस�सा ले च�के ब�रिगेडियर ख��शहाल ठाक�र बताते हैं कि करीब 12% आबादी फौज से ज�ड़ी है। हर दूसरे-तीसरे घर का बेटा फौज में है। यहां मतदाता किधर ��क जा�ं, पता नहीं चलता। यही वजह है कि दस विधानसभा च�नाव में पांच बार कांग�रेस, पांच बार भाजपा जीत च�की है। 2017 के विधानसभा च�नाव में भाजपा को जिताया जरूर, लेकिन पार�टी के सी�म चेहरे प�रेम क�मार धूमल को ही हरा दिया।

हमीरप�र के सेब कारोबारी मनजीत कहते हैं कि मोदी ने ख�द वायदा किया था कि सेब की ढ�लाई, स�टोरेज और खरीद के लि� स�विधा�ं विकसित करा�ंगे लेकिन क�छ नहीं ह�आ। धर�मशाला के ग�रेज��ट कैब ड�राइवर सोनू कपूर कहते हैं कि शांता क�मार ने चंबा में सीमेंट प�लांट का वायदा किया था, इससे हिमाचल के य�वाओं को रोजगार मिलता लेकिन यह वायदा भी पूरा नहीं हो पाया। इसलि� हिमाचल में सांसदों के कामकाज पर तो वोट मिलने से रहा। मोदी के नाम पर भले ही वोट मिले।’ धर�मशाला में स�कूल टीचर राजेंद�र कटोच कहते हैं कि ‘इस बार यहां पिछली बार की तरह मोदी लहर नहीं है। लेकिन वोट मोदी के चेहरे पर ही पड़ेगा’।

धर�मशाला के खनियारा गांव में मन बहाद�र ग�र�ंग कहते हैं, ‘मोदी आ�गा जी फिर से’। हमने कारण पूछा तो ग�र�ंग बोले ‘बह�त बोल�ड डिसिजन लेता है।’ बात ब�ाते ह�� हमनेे पूछा कि नोटबंदी का फैसला कैसा था? इस पर कहते हैं, ‘सही था, हिमाचल में ही कहीं भी पैसा निकालने के लि� कोई लाइन नहीं लगी।’ कांगड़ा में भाजपा से मौजूदा सांसद शांता क�मार (84) च�नाव नहीं लड़ रहे हैं। पार�टी ने पहली बार गद�दी (जनजातीय) सम�दाय से ज�ड़े किशन कपूूर को टिकट दिया है। पांच बार के विधायक किशन कपूर प�रदेश सरकार में मंत�री हैं। वे धूमल सरकार में भी मंत�री थे।

प�रदेश में गद�दी सम�दाय की आबादी 8% है। कांग�रेस से दो बार के विधायक पवन काजल मैदान में हैं। पेशे से ठेकेदार काजल ओबीसी हैं। धर�मशाला के पत�रकार प�रेम सूद कहते हैं कि हालांकि शांता का सीट पर अच�छा प�रभाव है फिर भी इस बार चंबा में सीमेंट फैक�ट�री का म�द�दा उनके लि� उल�टा पड़ सकता था क�योंकि पिछले च�नाव में उन�होंने जनता से यह वादा किया था। लेकिन किशन कपूर को टिकट देकर भाजपा ने उस म�द�दे को पीछे धकेल दिया है। दूसरी महत�वपूर�ण बात यह है कि हिमाचल में गद�दी सम�दाय को जनजातीय दर�जा दिलाने का श�रेय भी शांता को जाता है। उधर, कांग�रेस ने गद�दी सम�दाय के सामने ओबीसी उम�मीदवार उतारकर म�काबले को दिलचस�प बना दिया है। कांगड़ा में ओबीसी की आबादी 55 फीसदी है।

हमीरप�र में प�रेम क�मार धूमल के बेटे और तीन बार से सांसद अन�राग ठाक�र भाजपा के प�रत�याशी हैं। भाजपा के ग� वाली इस सीट की धूमल और भाजपा के प�रदेश अध�यक�ष सतपाल सिंह सत�ती के विधानसभा च�नाव में हार जाने के बाद से परिस�थितियां बदली हैं। कांग�रेस ने नयनादेवी के पांच बार के विधायक रामलाल ठाक�र को टिकट दिया है। हालांकि ठाक�र �क बार धूमल और दो बार स�रेश चंदेल से च�नाव हार च�के हैं। यहां म�काबला दो ठाक�रों के बीच है जिसमें कांग�रेस की ग�टबाजी का भाजपा को लाभ मिलता दिख रहा है।

शिमला में भाजपा ने दो बार से सांसद वीरेंद�र कश�यप का टिकट काटकर दो बार के विधायक स�रेश कश�यप को दिया है। स�रेश �यरफोर�स में अपनी सेवा�ं दे च�के हैं। स�रेश रिश�ते में वीरेंद�र के सा�ू लगते हैं। उधर, सेना की डोगरा रेजीमेंट में रह च�के सोलन से विधायक धनीराम शांडिल को कांग�रेस ने प�रत�याशी बनाया है। दिलचस�प बात यह है कि दोनों ओर के प�रत�याशी कोली जाति के हैं और म�काबला दो पूर�व फौजियों के बीच ही है।

मंडी में म�काबला दिलचस�प है। सी�म जयराम ठाक�र मंडी की सिराज विधानसभा का प�रतिनिधित�व करते हैं। 2013 के उप-च�नाव में जयराम को वीरभद�र सिंह की पत�नी प�रतिभा ने हराया था। 2014 में जयराम ने च�नाव लड़ने से मना कर दिया तो रामस�वरूप शर�मा को मौका मिला, वे मोदी लहर में जीत ग� और प�रतिभा हार गईं। 2017 के च�नाव के पहले भाजपा में रहे स�खराम अपने पोते आश�रय के लि� टिकट की मांग कर रहे थे। भाजपा से टिकट नहीं मिला तो वे कांग�रेस से टिकट ले आ�। अब दादा स�खराम व पोता आश�रय कांग�रेस में हैं और बेटा अनिल भाजपा सरकार में मंत�री थे। अनिल न अपने बेटे और न ही भाजपा के प�रचार में कहीं नजर आ�। भाजपा के प�रत�याशी रामस�वरूप शर�मा ने भी दलबदल को म�द�दा बना रखा है। यहां मौजूदा सांसद के खिलाफ �ंटी-इन�कम�बेंसी थी। अब माहौल बदला है।

यहां सबसे असरदार म�द�दा : राष�ट�रवाद

  • मà¥�दà¥�दा: चूंकि यहां फौजी परिवारों की संखà¥�या अचà¥�छी-खासी है। à¤�से में à¤�यर सà¥�टà¥�राइक यहां असरदार मà¥�दà¥�दा दिख रहा है। खासकर, कांगड़ा और हमीरपà¥�र में। हालांकि, सांसदों के खिलाफ नाराजगी दिख रही है। कांगà¥�रेस पà¥�रतà¥�याशी के खिलाफ मंडी में दलबदल का मà¥�दà¥�दा जोर पर है।
  • जाति: यहां राजपूत सरà¥�वाधिक 37% हैं। इसके अलावा 18 फीसदी बà¥�राहà¥�मण, 14 फीसदी ओबीसी, 28% दलित व तीन फीसदी अनà¥�य जातियां हैं। मंडी में बà¥�राहà¥�मण पà¥�रतà¥�याशियों के आमने-सामने होने से वोट बंटना तय है। शिमला में दो पूरà¥�व फौजी आमने-सामने हैं।
  • 2014 की सà¥�थिति : मोदी लहर के बीच हिमाचल की चारों सीटें भाजपा ने जीती थीं।


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Angry with his MPs, Himachal, Air Strike and Modi

ममता का मोदी पर तंज- आपका सीना 56 इंच का है, मैं आपको थप�पड़ कैसे मार सकती हूं?
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

कोलकाता. पश�चिम बंगाल की म�ख�यमंत�री ममता बनर�जी ने बशीरहाटमें ह�ई च�नावी रैली में प�रधानमंत�री नरेंद�र मोदी पर तंज कसा। उन�होंनेकहा कि मैंने कभी �सा नहीं कहा कि आपको थप�पड़ मारूंगी। ममता ने कहा, "मैंने कहा कि मैं लोकतंत�र का थप�पड़ मारूंगी। मैं आपको क�यों मारूंगी? यदि मैं आपको थप�पड़ मारूंगी तो मेरा हाथ टूट जा�गा। तब मैं क�या करूंगी?’’

ममता ने कहा, ‘‘आपका सीना 56 इंच का है। मैं आपको कैसे मार सकती हूं? मैंआपको थप�पड़ नहींमारना चाहती हूं और न छूना चाहती हूं।’’



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Lok Sabha Chunav 2019, 11 May Lok Sabha Updates Today: Sanjay Nirupam Governor Satya Pal Malik is doing Modi 'Chaplusi'

सभा से पहले खेला क�रिकेट मैच, सिंधिया की टीम ने सिद�धू की टीम को 8 रन से हराया
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

शिवप�री (मध�यप�रदेश). ग�ना-शिवप�री सीट से कांग�रेस प�रत�याशी ज�योतिरादित�य सिंधिया के च�नाव प�रचार के लि� पंजाब के मंत�री नवजोत सिंह सिद�धू शिवप�री आ�। पहली बार शिवप�री में च�नाव प�रचार के लि� क�रिकेट मैच रखा गया। सिद�धू और सिंधिया की टीमों के बीच मात�र दो-दो ओवर का मैच खेला गया। सिद�धू ने टॉस जीतकर सिंधिया को बल�लेबाजी के लि� आमंत�रित किया।

सिंधिया कीटीम ने क�ल 33 रन बना�, जिसमें ज�योतिरादित�य के 5 रन शामिल थे। बल�लेबाजी के लि� सिद�धू की टीम की बारी आई। सिद�धू ओपनिंग करने नहीं आ� तो सिंधिया उन�हें पकड़कर पिच तक ले ग�। यहां पहली बॉल पर वे कोई रन नहीं बना सके। दूसरी बॉल में गेंदबाज कपिल यादव ने सिद�धू को क�लीन बोल�ड कर दिया। सिद�धू की टीम 25 रन ही बना सकी और सिंधिया कीटीम मैच जीत गई।

�सा छक�का मारो मोदी हिंद�स�तान की बाउंड�री पार हो जा�ं : मैच खत�म होने के बाद बीच मैदान पर स�टेज बनाया गया।जहां सिद�धू ने सभा को संबोधित किया। उन�होंने लोगों से इस च�नाव में सिंधिया के लि� छक�के लगाने की बात कही। सिद�धू ने कहा कि मैं जब जवान था,तो बाउंड�री पार छक�का मारता था। �सा छक�का मारो मध�यप�रदेश वालो कि मोदी हिंद�स�तान की बाउंड�री पार हो जा�ं। वहीं, ज�योतिरादित�य सिंधिया ने भी माइक थामा और क�षेत�र में अपने विकास कार�य गिना�। इस दौरान सिंधिया के साथ उनकी पत�नी प�रियदर�शनी राजे सिंधिया और बेटी अनन�या राजे सिंधिया भी मंच पर मौजूद रहीं।



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मध�यप�रदेश : पूर�व क�रिकेटर नवजोत सिंह सिद�धू ग�र�वार को शिवप�री पह�ंचे। यहां उन�होंने ज�योतिरादित�य सिंधिया के लि� च�नावी सभा करने के पहले दो-दो ओवर का मैच खेला।
Loksabha Elections Interesting Photo Story - 10 MAY 2019: Jyotiraditya Scindia XI beats Sidhu Punjab XI by 8 Runs
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45 डिग�री तापमान में 9 घंटे मिर�ची के बीच काम, लेकिन न जलन न मिर�ची की धांस
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

चाय, नमक और मिर�च वो आम चीजें हैं, जिनकी जरूरत हर किसी को पड़ती है। इन�हें तैयार करने वाली ज�यादातर श�रमिक महिला�ं होती हैं। मजदूर दिवस पर इन�हीं महिला श�रमिकों के साथ मसाले के कारखाने, नमक के खेत और चाय के बागान से ग�राउंड रिपोर�ट...

नंदूरबार/महाराष�ट�र (दीप�ति राऊत).खाने में जरा सी भी मिर�च ज�यादा हो जा� तो आंख और नाक दोनों से पानी बहने लगता है। मिर�च काटने के बाद हाथ की चिरमिराहट मिटाने को सौ जतन करने पड़ते हैं। लेकिन मिर�च के कारखाने में काम करने वाली स�नीता रूपली और उनके जैसी 10 हजार महिलाओं को दिनभर मिर�च के बीच बैठे रहने और हाथों से मिर�च तोड़ने-कूटने के बाद भी ये सब नहीं होता। 45 डिग�री तापमान के बीच ये तीखी मिर�च के बीच रहती हैं। महाराष�ट�र के नंदूरबार में �से कई कारखाने हैं, जहां सिर�फ महिला�ं ही मजदूर हैं।

अपनी श�द�धता के लि� मशहूर यहां की मिर�ची का 200 करोड़ का सालाना कारोबार है। लेकिन इसका फायदा इन महिला मजदूरों को नहीं मिलता। इनके जिम�मे है खेत से मिर�ची हाथ से तोड़ना, स�खाना, साफ करना, पीसना और फिर पैकिंग करना। इन महिला मजदूरों का हर तीन महीने में मेडिकल चेकअप करवाया जाता है। डॉक�टर कहते हैं ये महिला�ं कभी भी जलन की शिकायत लेकर नहीं आतीं। जो चीज इन�हें परेशान करती है वह है स�किन �लर�जी। स�नीता वलवी बताती हैं वह जब कारखाने में काम करती हैं तो जलन महसूस नहीं होती। लेकिन घर जाकर खाना बनाते वक�त हाथ में चूल�हे की गर�मी सहन नहीं होती।

बारिश के महीनों के अलावा साल के आठ महीने ये महिला�ं इसी तरह काम करती हैं। स�बह आठ से शाम पांच बजे तक, जिसके लि� उन�हें सिर�फ 220 र�. मजदूरी मिलती है। स�नीता की आठ साल की बेटी त�लसी भी उनके साथ कारखाने आती है। मां जब काम कर रही होती है तो बेटी वहीं मिर�ची के बीच खेलती है। स�नीता कहती है अब उसे भी मिर�च की आदत हो गई है।



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�सा ट�रैवल प�लान जिसमें कन�यादान के साथ मतदान का भी ध�यान, सोशल मीडिया पर कैम�पेनिंग
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

अनीश माथ�र | कैलगीरी (कनाडा). अलबर�टा में रह रही शिवानी ने अपनी बहन गरिमा की शादी को शिमला में क�छ इस तरह प�लान किया है कि लोग वोट देने भारत जा सकें। यह सिर�फ �क उदाहरण भर है। भारत और कनाडा...दोनों में करीब दस हजार किलोमीटर से ज�यादा की दूरी है। लेकिन इस वक�त यह दूरी उस जोश के आगे छोटी पड़ रही है, जो यहां कनाडा में भारतवंशी महसूस कर रहे हैं। कनाडा वो देश जहां क�ल जनसंख�या का करीब चार फीसदी हिस�सा भारतीयों से मिलकर बनता है। जनवरी 2019 तक के आंकड़ों को देखें तो यहां 1 लाख 84 हज़ार और 320 �नआरआई हैं। वहीं 8 लाख 31 हजार 865 पीआईओ (पर�सन�स ऑफ इंडियन ओरिजिन) हैं।


देखा जा� तो यहां च�नाव का सीधा असर नहीं है। इसके बावजूद उत�स�कता चरम पर है। हाल ही में कारलेटन यूनिवर�सिटी में कैनेडा-इंडिया सेंटर फॉर �क�सीलेंस की ओर से ‘अपकमिंग इलेक�शन इन इंडिया’ जैसे विषय पर सेमीनार ह�आ। सेमीनार में भारतीय लोकतंत�र व कनाडा-भारत के रिश�तों पर चर�चा ह�ई। कार�यक�रम में ��काव मोदी की ओर नजर आया। यहां उनकी छवि राह�ल गांधी की त�लना में ज�यादा मजबूत मानी जाती है।

यही वजह है कि स�कारबेरो में ह�ई ‘चाय पर चर�चा’ और ब�रेम�पटन (ओंटारियो) में प�रधानमंत�री मोदी के समर�थन में बारिश के बावजूद अच�छी-खासी संख�या में उनके प�रशंसक उमड़े। �नआरआई4नमो टीम लगातार मोदी के समर�थन में सोशल मीडिया पर कैम�पेन चला रही है। अगर ओवरऑल भी देखा जा� तो मोदी का माहौल यहां दिखता भी है। इंडो-कैनेडियंस मोदी के दोबारा आने के इंतजार में हैं। क�योंकि �नडी� सरकार में ही लॉन�ग लाइफ वीजा का वादा निभाया गया।


हालांकि, च�नाव में भाषणों के गिरते स�तर पर यहां भी भारतवंशी नाराज़ हैं। कैलगरी में इंडियन सोसायटी मेंबर�स कहते हैं- इस च�नाव ने हिंद�स�तान का �सा स�वरूप पेश किया है, जिस पर हम शर�मसार हैं। अपशब�दों का इस�तेमाल च�नाव में हो रहा है। असल म�द�दे च�नाव से गायब हो च�के हैं। कांग�रेसी नेता सैम पित�रोदा के सिख दंगों पर बयान से भी यहां नाराज़गी है। हालांकि, उन�होंने सफाई दी है, लेकिन शब�दों से आहत सिख उन�हें कितना माफ कर पा�ंगे यह 23 मई को ही पता चल पा�गा।



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कैलिफोर�निया में रहने वाली अर�चना पांडा मोदी का समर�थन कर रही हैं। वे कहती हैं- ये नया इंडिया है।

कमल हासन ने कहा- आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदू था, नाम था- गोडसे
Source:  bhaskar
Thursday, 01 January 1970 05:30

चेन�नई. अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने तमिलनाड� के अरावक�रिचि में च�नाव अभियान के दौरान विवादास�पद बयान दे दिया। उन�होंने कहा, आजाद भारत का पहला आतंकी �क हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। यहीं से आतंक की श�र�आत ह�ई थी। हासन ने कहा, “मैं �सा इसलि� नहीं कह रहा, क�योंकि यह म�स�लिम बह�ल इलाका है, बल�कि इसलि� क�योंकि मेरे सामने गांधी की प�रतिमा है।�उन�होंने कहा कि वह उसी हत�या का जवाब ढूंढने आ� हैं।

हासन ने कहा, “मैं �क �सा भारत चाहता हूं जहां सभी को बराबरी मिले। मैं �क अच�छा भारतीय हूं और मैं तो यही चाहता हूं।�हासन इससे पहले नवंबर 2017 में भी हिंदू कट�टरवाद पर बयान देकर विवादों में आ च�के हैं।

अल�पसंख�यकों केवोट के लि� यह म�द�दा उठाना गलत

हासन के बयान परभाजपा ने कड़ी आपत�ति जताई है। भाजपा प�रदेश अध�यक�षतमिलसई सौंदरराजन ने ट�वीट कर कहा कि गांधी की हत�या और हिंदू आतंकवाद का मामला अभी उठाना निंदनीय है। तमिलनाड� के उपच�नाव से पहले अल�पसंख�यकों के वोट ज�टाने के लि� यह बात उठाकर हासन आग से खेल रहे हैं। उन�होंने श�रीलंका के बम ब�लास�ट पर कोई विचार नहीं दिया।

2024 च�नाव के लि� घोषणापत�र जारी कर च�के हैं हासन
कमल हासन ने 21 फरवरी 2018 को अपनी पार�टी बनाई थी। हासन लगातार राज�य की �आई�डी�मके और केंद�र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। हाल ही में उन�होंने 2024 में होने वाले लोकसभा च�नाव के लि� पांचसाल पहले ही घोषणा-पत�र जारी किया। संभवत: देश में पहली बार �सा ह�आ है। घोषणापत�र का नाम ‘कोवई-2024' रखा गया था।

23 मई को देखि� सबसे तेज च�नाव नतीजे भास�कर प�लस APP पर।



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Kamal Haasan, MNM founder Controversial Statement, Says India's first terrorist was Hindu and his name was Nathuram Gods

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